नक्सली अनल (फाइल फोटो)

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और झारखंड पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान के तहत गुरुवार को बड़ी सफलता मिली है। चाईबासा के सारंडा जंगल क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सली संगठन के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में ₹1 करोड़ के इनामी अनल समेत 15 नक्सलियों के मारे जाने की खबरें सामने आई हैं। इनमें से 11 नक्सलियों की पहचान कर ली गई  है। वहीं, सुरक्षाबल मारे गए अन्य नक्सलियों की पहचान कराने में जुटे हुए हैं। 

गुप्त सूचना पर शुरू हुआ था अभियान

सुरक्षाबलों ने यह अभियान नक्सलियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना के आधार पर शुरू किया था। आरोप है कि सुरक्षाबलों के ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाकर्मियों पर पर फायरिंग कर दी। इसके जवाब में सुरक्षा बलों की ओर से भी गोलीबारी की गई।  

अभी जारी है सर्च अभियान 

खबरों के मुताबिक, नक्सल विरोधी यह अभियान इलाके में अभी जारी है। जंगल में तलाशी अभियान चल रहा है और सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के भागने से रोकने के लिए पूरे क्षेत्र को घेर लिया है। खबरों में एक पुलिस अफसर के हवाले से छपा है कि गोलीबारी रुकने के बाद तलाशी अभियान जारी है और हताहतों की अंतिम संख्या बाद में बताई जाएगी। 

1987 से सक्रिय था ₹1 करोड़ का इनामी अनल

झारखंड पुलिस ने बताया है कि मुठभेड़ में मारा गया ₹1 करोड़ का इनामी नक्सली अनल 1987 से सक्रिय था। वह गिरिडीह जिले के पिरतांड का रहने वाला था और पुलिस कई सालों से उसकी तलाश में जुटी थी। उसका असली नाम पतिराम माझी था। आपको बता दें कि झारखंड में सारंडा और कोल्हान इलाके को माओवादियों का अंतिम गढ़ माना जाता है। 

इन नक्सलियों की हुई है पहचान

सुरक्षा बलों की प्रारंभिक जांच में मारे गए 11 नक्सलियों की पहचान हो गई है। इनमें 1 करोड़ का इनामी अनल (CCM), 25 लाख का इनामी अनमोल उर्फ सुशांत (BJSAC),15 लाख का इनामी अमित मुण्डा (RCM) और 5-5 लाख के इनामी पिन्टु लोहरा व लालजीत उर्फ लालु (SZC) शामिल हैं। इसके अलावा राजेश मुण्डा (ACM), बुलबुल अलदा (ACM), बबिता (ACM), पूर्णिमा (ACM), सुरजमुनी (Cadre), जोंगा (Cadre) के भी मुठभेड़ में मारे जाने की पुष्टि हुई है।

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