हल्द्वानी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उत्तराखंड के बहुचर्चित एनएच-74 घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने बताया कि इस मामले को लेकर चार किसानों की करीब ₹13.89 करोड़ की चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी तौर पर अटैच (कुर्क) किया गया है। ईडी ने यह कार्रवाई पीएमएलए (Prevention of Money Laundering Act-2002) के तहत की है। 

ईडी ने बताया कि मामले में अब तक कुल ₹57.77 करोड़ की संपत्तियों को अटैच किया जा चुका है। प्रेस को जारी बयान में ईडी ने कहा है कि 2017 में ऊधम सिंह नगर जिले के पंतनगर थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर मामले की जांच शुरू की गई थी। ईडी के मुताबिक, मामले की जांच में किसान दिलबाग सिंह, जरनैल सिंह, बलजीत कौर, दलविंदर सिंह द्वारा राजस्व विभाग के अफसरों और बिचौलियों की मिलीभगत से जमीन से जुड़े आदेशों को बैकडेट में पास करवाकर उन्हें राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करवाया।

ईडी ने बताया कि इन आदेशों के जरिए जमीन को एग्रीकल्चर लैंड (कृषि भूमि) से नॉन-एग्रीकल्चर लैंड (अकृषि भूमि) की श्रेणी में दिखाया गया। बकौल ईडी, इसके जरिए इन लोगों ने एनएच-74 के चौड़ीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान ₹26.02 करोड़ से ज्यादा हासिल किए। आरोप है कि इससे सरकार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

ईडी की जांच में आरोपियों द्वारा इस धनराशि से अचल संपत्तियां खरीदी गईं। इसके साथ ही इस धनराशि को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए या अपने रिश्तेदारों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाने की बात भी सामने आई है। ईडी के मुताबिक, इन तथ्यों के आधार पर ही करीब ₹13.89 करोड़ की संपत्तियों को कुर्क करने का अंतरिम आदेश जारी किया गया है। 

नप चुके हैं 7 पीसीएस अफसरों समेत 12+ अफसर-कर्मचारी 

ईडी ने कहा कि मामले में जांच फिलहाल जारी है। गौरतलब है कि मामले में 7 पीसीएस अफसर समेत 12 से ज्यादा अफसर-कर्मचारी निलंबित किए गए थे। साथ ही 30 से ज्यादा अधिक सरकारी कर्मचारियों, दलालों और किसानों को जेल भेजा गया था। 

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