हल्द्वानी। उत्तराखंड सरकार ने बृहस्पतिवार शाम कई आईएएस और पीसीएस अफसरों का तबादला कर दिया है। ट्रांसफर लिस्ट के मुताबिक, 2018 बैच के आईएएस अफसर विशाल मिश्रा को रुद्रप्रयाग जिले का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। वहीं, रुद्रप्रयाग में बतौर डीएम तैनात प्रतीक जैन को जीएमवीएन यानी गढ़वाल मंडल विकास निगम का नया एमडी बनाया गया है। जैन को जल जीवन मिशन के निदेशक और नमामि गंगे परियोजना के व केएफडब्ल्यू के निदेशक जा जिम्मा भी मिला है। कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत कौशल विकास एवं प्रशिक्षण विभाग के निदेशक आईएएस अफसर संजय कुमार से निदेशक सेवायोजन का दायित्व हटाया गया है। आईएएस अफसर सौरभ गहरवार को एमडी सिडकुल के साथ ही उद्योग विभाग के अपर सचिव और राजकीय मुद्रणालय के निदेशक का जिम्मा भी सौंपा गया है। इसके अलावा आईएएस अफसर नरेंद्र सिंह भंडारी को अपर सचिव नियोजन के साथ ही अब पर्यटन विकास परिषद में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी और निदेशक सेवायोजन का दायित्व सौंपा गया है। वहीं, शहरी विकास विभाग के अपर सचिव आईएएस अफसर विनोद गिरी गोस्वामी को अब अपर सचिव आवास, भागीरथी घाटी विकास प्राधिकरण के सीईओ की जिम्मेदारी भी भी सौंपी गई है। पीसीएस गिरधारी सिंह रावत को अब अपर सचिव कार्मिक के साथ ही अल्पसंख्यक कल्याण, निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण, निदेशक मदरसा शिक्षा परिषद, प्रबंध निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण निगम की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। सचिवालय सेवा के अपर सचिव सुरेश जोशी को दुग्ध व दुग्ध विकास विभाग के साथ जनगणना भी सौंपी गई है। सचिवालय सेवा के अपर सचिव कवींद्र सिंह को सचिवालय प्रशासन व संस्कृत शिक्षा के साथ ही कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग सौंपा गया है। वहीं, पीसीएस अधिकारी त्रिलोक सिंह मर्तोलिया के पास अब आयुक्त गन्ना-चीनी की जिम्मेदारी नहीं रह गई है। उन्हें शुगर मिल किच्छा के प्रधान प्रबंधक अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इसके साथ ही पीसीएस अफसर अब्ज प्रसाद वाजपेयी की हल्द्वानी में वापसी हुई है। उन्हें किच्छा शुगर मिल के प्रधान प्रबंधक से हटाकर सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, राज्य निर्वाचन आयोग में उप सचिव कमलेश मेहता की प्रतिनियुक्ति खत्म करते हुए उन्हें डिप्टी कलेक्टर टिहरी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। Post navigation Uttarakhand में राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन बढ़ी; श्रेणीवार जानिए नई रकम Uttarakhand: CM से नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने विधानसभा बजट सत्र 21 दिन का करने की मांग क्यों की?