हल्द्वानी। दिल्ली में शुक्रवार को आयोजित परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के 9वें संस्करण में उत्तराखंड की लोक संस्कृति की धमक देखने को मिली। दरअसल, रुद्रप्रयाग के छात्र रोहन सिंह राणा ने इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहाड़ की सौगात भेंट की। इसके आलावा रोहन ने प्रधानमंत्री से सीधा संवाद भी किया। रुद्रप्रयाग के जखोली स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पालाकुराली के छात्र रोहन ने प्रधानमंत्री को रिंगाल से बनी ‘फूलकंडी’ और अपने टीचर अश्विनी गौड़ की किताब ‘उत्तराखंड की लोक परंपरा में विज्ञान’ भेंट की। इस दौरान रोहन ने प्रधानमंत्री का ध्यान उत्तराखंड में निभाई जाने वाली लोक परंपरा की ओर भी दिलाया। रोहन ने प्रधानमंत्री से कहा, “यह पहाड़ में ट्रेडिशनल उत्तराखंड का है यह, यह टोकरी है, जैसे वसंत पंचमी आती है, तो इसमें हम सुबह उठते हैं और फूल तोड़ते हैं, फिर लोगों के घर-घर पर डालते हैं।” इसके अलावा अन्य राज्यों से पहुंचे छात्रों ने भी प्रधानमंत्री को उपहार भेंट किए। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने सभी को धन्यवाद कहा। जब प्रधानमंत्री बोले- चाय वाले को चाय! वाह परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक छात्रा ने चाय का पैकेट भेंट किया। इस दौरान छात्रा ने कहा, “…और सर ये चाय…।” इस पर प्रधानमंत्री मोदी मुस्कुराते हुए बोले, “वाह चाय वाले को चाय!” छात्रा ने कहा कि ये ऑर्गेनिक चाय है। इस दौरान वहां मौजूद छात्र-छात्राएं ठहाके लगाते नजर आए। प्रधानमंत्री ने चाय भेंट करने वाली छात्रा से कहा कि वह बहुत अच्छी कविता लिखती हैं। उन्होंने छात्रा को लगातार लिखने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में रुद्रप्रयाग के छात्र को बुलाया जाना गर्व की बात: सीएम धामी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से उन्होंने परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम तहत देहरादून स्थित सेंट एंग्नेस स्कूल के विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने कहा की रुद्रप्रयाग के छात्र रोहन सिंह राणा को परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के लिए दिल्ली आमंत्रित किया गया जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। सोशल मीडिया पर किए गए एक अन्य पोस्ट में सीएम धामी ने लिखा, “उत्तराखंड के एक छात्र द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को फूलदेई लोकपर्व के प्रतीक स्वरूप पुष्प भेंट किया जाना हमारी नई पीढ़ी के संस्कार और संस्कृति के प्रति सम्मान को दर्शाता है।” उन्होंने आगे लिखा कि यह पावन लोकपर्व न केवल उत्तराखंड की समृद्ध लोकपरंपरा का प्रतीक है, बल्कि प्रकृति संरक्षण, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक मूल्यों के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का भी बोध कराता है। बकौल सीएम धामी, शुक्रवार को परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में उत्तराखंड के करीब 7 लाख विद्यार्थी, 53,000 से ज्यादा शिक्षक और 14,000 से ज्यादा अभिभावक जुड़े। Post navigation सावधान! 5 बार कटा चालान तो ड्राइविंग लाइसेंस हो सकता है सस्पेंड Nainital: इस साल जिले की नदियों से अब तक निकाला गया रिकॉर्ड उपखनिज