रुद्रपुर। Uttarakhand की थारू जनजाति की प्रसिद्ध लोकगायिका (Rinku Rana) रिंकू राणा का नानकमत्ता इलाके में सड़क हादसे में निधन हो गया है। उनके निधन की खबर से इलाके के लोगों में शोक की लहर है। उनके निधन पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी धामी ने शोक जताया है। जानकारी के मुताबिक, कल्याणपुर नोगजा निवासी थारू समाज की लोक गायिका रिंकू राणा अपनी भतीजी जिया राणा के साथ किसी काम से सितारगंज के सिसौना गई थीं। घर लौटते समय नानकमत्ता के बिछपुरी के पास ट्रैक्टर-ट्राली और उनके स्कूटर की भीषण टक्कर हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुईं रिंकू को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने उनके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। उनके निधन से परिवार में मातम छा गया और जनजाति समाज के लोगों में शोक की लहर है। उनके प्रशसंकों का अस्पताल और उनके घर पर तांता लग गया। लोकसंगीत के संरक्षण में सदैव स्मरणीय रहेगा राणा का योगदान: सीएम लोक गायिका रिंकू राणा के निधन पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कई जनप्रतिनिधियों ने शोक जताया है। उन्होंने कहा कि लोकसंस्कृति और लोकसंगीत के संरक्षण में थारू जनजाति की प्रसिद्ध लोकगायिका रिंकू राणा का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। बकौल सीएम धामी, रिंकू ने अपने गीतों के जरिए थारू समाज की समृद्ध परंपराओं और संस्कृति को व्यापक पहचान दिलाई। उन्होंने ईश्वर से पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान और शोकाकुल परिजनों व प्रशंसकों को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की। होली पर कल ही लॉन्च किया था नया गाना थारू लोक गायिका रिंकू राणा ने बुधवार को होली के मौके पर एक नया गाना ‘चुनर भीगे रे…’लॉन्च किया था। खबर लिखे जाने तक उनकी फेसबुक प्रोफाइल पर इस गाने को करीब 18,000 व्यूज मिल चुके हैं। होली के मौके पर आयोजित हुए कई कार्यक्रमों में भी उनके गीतों पर लोग जमकर थिरके। उन्हें उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों के साथ ही अन्य राज्यों में भी प्रस्तुति के लिए बुलाया जाता था। Post navigation Uttarakhand: व्यय-वित्त समिति की बैठक में कौन सी विकास योजनाएं हुईं मंजूर? Uttarakhand: चार साल में 1.5 गुना बढ़ी GSDP, प्रति व्यक्ति आय पहुंची ₹2.73 लाख