देहरादून। विकासनगर में पिछले दिनों कश्मीरी युवकों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना में एक कश्मीरी युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है। मामले को लेकर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है। इसके साथ ही अब्दुल्ला ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मामले को लेकर बातचीत की है। देहरादून के विकासनगर इलाके में पिछले दिनों एक दुकानदार और दो कश्मीरी युवकों के बीच कथित तौर पर कहासुनी और विवाद हो गया था। आरोप है कि इस दौरान दुकानदार ने दोनों युवकों के साथ मारपीट और गालीगलौज की थी। घटना में एक कश्मीरी युवक का सिर फट गया था। घायल युवक का अस्पताल में इलाज कराया गया। दोनों युवक कश्मीरी शॉल की फेरी लगाने का काम करते हैं। पुलिस ने बताया कि दोनों युवक छुट्टियों में पौंटा साहिब में किराए पर रहने वाले अपने पिता के पास आए थे। बकौल पुलिस, उनके पिता आसपास के इलाकों में फेरी लगाते हैं और दोनों युवक काम में उनकी मदद करने आए हैं। पुलिस के मुताबिक, मामले में पीड़ित की शिकायत पर घटना में शामिल संजय यादव नामक शख्स व एक अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मौका मुआयना करने के साथ ही पीड़ित की मेडिकल जांच करवाई और संजय को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने गुरुवार शाम सोशल मीडिया के जरिए बताया कि आरोपी को कोर्ट के सामने पेश किया जायेगा। इधर, जम्मू-कश्मीर के उमर अब्दुल्ला ने मामले को लेकर उत्तराखंड के मुखयमंत्री पुष्कर धामी से फोन पर बात की। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, अब्दुल्ला ने धामी से मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। मामले में धामी ने एफआईआर दर्ज करने और सख्त कार्रवाई के साथ ही जम्मू-कश्मीर के निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। कश्मीरियों पर ऐसे हमले अस्वीकार्य: अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “हिमाचल प्रदेश और अब इस हमले समेत हाल में हुए हमलों की शृंखला पूरी तरह अस्वीकार्य है और इसे तुरंत रोकना होगा…।” उन्होंने आगे कहा, “…जहां भी ज़रूरत होगी मेरी सरकार वहां हस्तक्षेप करेगी और यह सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कोशिश करेगी कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।” बकौल अब्दुल्ला, उन्हें उम्मीद है कि भारत सरकार का गृह मंत्रालय भी इस तरह के संवेदनशील मसलों को लेकर राज्यों को जरुरी निर्देश देगा। Post navigation Haldwani: STH के पास मिला अधेड़ का शव, नहीं हो सकी शिनाख्त Uttarakhand: अब मंत्रियों को मिलेगा 10 लाख 80 हजार रुपये सालाना यात्रा भत्ता