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हल्द्वानी। अब बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ना महंगा ही नहीं, बल्कि लाइसेंस पर भी भारी पड़ सकता है। दरअसल, केंद्रीय मोटर व्हीकल एक्ट के नए नियम लागू हो गए हैं। नए प्रावधानों के तहत किसी वाहन चालक का पांच या पांच से ज्यादा बार चालान कटने पर उसके ड्राइविंग लाइसेंस को सस्पेंड किया जा सकता है।
केंद्रीय मोटर व्हीकल एक्ट के संशोधित नियमों के अनुसार, एक साल में पांच या पांच से ज्यादा बार चालान कटने पर वाहन चालक को ड्राइविंग लाइसेंस रखने के लिए अयोग्य माना जाएगा। इसे गंभीर श्रेणी का अपराध मानते हुए वाहन चालक का ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड कर दिया जाएगा। हालांकि, यह इलाके के आरटीओ तय करेंगे कि लाइसेंस कितने समय के लिए सस्पेंड रहेगा।
गौरतलब है कि पहले आमतौर पर ड्राइविंग लाइसेंस को फिजिकल चालान के बाद तीन महीने से एक साल तक के लिए अलग-अलग चरणों में सस्पेंड किया जाता था। नए नियमों के तहत केवल ई-चालान से भी लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है।
नए नियमों के तहत अब चालान कटने की जानकारी 3 दिन के अंदर एसएमएस या ई-मेल के जरिए मिलेगी। वहीं, फिजिकल चालान 15 दिनों में दिया जाएगा। इसके साथ ही चालान जारी होने के 45 दिनों के अंदर उसे स्वीकार कर जुर्माना भरना होगा या पोर्टल पर चुनौती देनी होगी। चालान को चुनौती देने के लिए डॉक्यूमेंट्री एविडेंस देना होगा। अगर 45 दिनों तक चालान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई तो उसे स्वीकार किया हुआ माना जाएगा। इसके बाद अगले 30 दिनों में जुर्माना जमा करना अनिवार्य होगा।
केंद्रीय मोटर व्हीकल एक्ट के संशोधित नियमों के तहत अब परिवहन विभाग चालान न भरने वाले डिफॉल्टर चालकों की सूची तैयार करेगा। इस सूची में शामिल वाहन चालकों के वाहनों को जब्त करने का प्रावधान रखा गया है।
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