हल्द्वानी।Uttarakhand विधानसभा के सोमवार से शुरू होने वाले Budget सत्र से पहले रविवार को राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने भराड़ीसैंण में नेता प्रतिपक्ष यशपाल से शिष्टाचार भेंट की। इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए आर्य ने कहा कि लोकतांत्रिक परंपरा के अनुसार सत्र प्रारंभ होने से पहले इस प्रकार की मुलाकातें सामान्य होती हैं। उन्होंने कहा कि इन मुलाकातों का उद्देश्य सदन की कार्यवाही को शांतिपूर्वक, मर्यादित और सुचारु रूप से चलाना होता है। आर्य ने लिखा कि सरकार की ओर से यह अपेक्षा रहती होगी कि विपक्ष सदन की कार्यवाही को सहयोग के साथ चलाए जिससे राज्य से जुड़े विषयों पर सकारात्मक चर्चा हो सके। उन्होंने कहा कि अगर सदन को सुचारु रूप से चलाने की अपेक्षा की जाती है तो सरकार की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह प्रदेश की जनता से जुड़े ज्वलंत और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए पर्याप्त मौका दे। उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार के अलग-अलग आरोप समय-समय पर सामने आते रहे हैं, जिससे आम जनता के मन में व्यवस्था के प्रति चिंता पैदा होती है। इसके साथ ही कानून-व्यवस्था का विषय भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत भी राज्य के कई क्षेत्रों में चिंता का विषय बनी हुई है। बकौल आर्य, पर्वतीय और दूरस्थ इलाकों में आज भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी, अस्पतालों में संसाधनों का अभाव और इमरजेंसी मेडिकल सेवाओं की सीमित उपलब्धता लोगों के लिए बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा कि इसी तरह शिक्षा व्यवस्था में भी कई चुनौतियां सामने हैं, जहां सरकारी स्कूलों में टीचरों की कमी और संसाधनों का अभाव लगातार चर्चा का विषय रहा है। आर्य ने कहा कि राज्य में आपदा प्रबंधन का विषय भी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि हर साल प्राकृतिक आपदाएं जनजीवन को प्रभावित करती हैं। उन्होंने प्रभावी आपदा प्रबंधन, पुनर्वास और दीर्घकालिक सुरक्षा योजनाओं को अत्यंत आवश्यक करार दिया। उन्होंने कहा कि इसके अलावा जिला विकास प्राधिकरण (जिला प्राधिकरण) से जुड़े मुद्दे, सड़क, सिंचाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की हालत, किसानों की समस्या, बढ़ती महंगाई और बढ़ती बेरोजगारी भी आज सबसे बड़े मुद्दों में शामिल हैं। यशपाल ने कहा कि इन विषयों पर गंभीर और सार्थक चर्चा होना बेहद जरुरी है। उन्होंने सरकार से इन सभी महत्वपूर्ण और ज्वलंत मुद्दों पर नियम 310 के अंतर्गत चर्चा के लिए स्वीकार किए जाने की उम्मीद जताई। उन्होंने का कि लोकतंत्र की मजबूती इसी में है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों मिलकर जनता के मुद्दों पर चर्चा करें और उनके समाधान की दिशा में काम करें। …तो विपक्ष का विधानसभा में बैठना होगा निरर्थक: आर्य आर्य ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अगर राज्य के इन महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा का मौका नहीं दिया जाएगा तो प्रदेश हित में विपक्ष का विधानसभा में बैठना भी निरर्थक प्रतीत होगा। बकौल आर्य, राज्य के लोग चाहते हैं कि विधानसभा केवल औपचारिक कार्यवाही का मंच न बनकर वास्तव में जनहित के मुद्दों को उठाने और उनके समाधान का प्रभावी माध्यम बने। उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर ही लोकतंत्र की सार्थकता और जनता का विश्वास दोनों मजबूत होंगे। Post navigation Haldwani: महिला दिवस पर महिलाओं ने खेलों में दिखाई प्रतिभा Uttarakhand Budget 2026: ₹1.11 लाख करोड़ से ज्यादा का बजट पेश, बना ये इतिहास