दिल्ली। एलपीजी सिलिंडर की जमाखोरी रोकने के मद्देनजर और घरेलू गैस संकट को टालने के लिए भारत सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया है। सरकार ने कहा कि कुछ महीनों में एलपीजी सिलिंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी की घटनाएं बढ़ी हैं। ऐसे में ESMA लागू होने से लोगों को राहत मिलेगी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आदेश जारी कर एलपीजी सप्लाई के लिए प्राथमिकता वाले सेक्टर्स बताए हैं। मंत्रालय ने अपने आदेश में प्राथमिकता के स्तर पर 4 श्रेणियां बनाई हैं। पहली श्रेणी में घरेलू पाइप प्राकृतिक गैस आपूर्ति, परिवहन के लिए संपीड़ित प्राकृतिक गैस, एलपीजी उत्पादन और पाइपलाइन संपादित ईंधन व अन्य आवश्यक पाइपलाइन परिचालन को रखा गया है। इनमें पिछले 6 महीने के बराबर गैस आपूर्ति करने को कहा गया है। वहीं, दूसरी श्रेणी में उर्वरक संयंत्रों को रखा गया है। इनमें नैचुरल गैस की आपूर्ति होगी लेकिन यूनिट्स को उर्वरकों के उत्पादन के अलावा किसी अन्य कार्य के लिए गैस के उपयोग की इजाजत नहीं होगी। तीसरी श्रेणी में राष्ट्रीय गैस ग्रिड के जरिए चाय उद्योग, उत्पादन और अन्य औद्योगिक उपभोक्ताओं को रखा गया है। आदेश में प्राथमिकता श्रेणी चार के लिए कहा गया है कि सभी शहरी गैस वितरण अस्तित्व यह तय करेंगे कि औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ता, जिन्हें उनके नेटवर्क के जरिए आपूर्ति की जाती है उन्हें पिछले 6 महीने की जरूरत के आधार पर 80% गैस आपूर्ति की जाए। Post navigation Uttarakhand: होटल मैनेजमेंट से सिविल सेवा तक युवाओं को फ्री ट्रेनिंग देगा Graphic Era ऑनलाइन आ रहा आयकर ‘Assessment Order’ का लिंक,; Uttarakhand Police बोली- मत चटकाना