पाठक उवाच

प्रिय भावना! (भावना के नाम एक आम नागरिक का खत)

प्रिय भावना! कैसी भावना हो तुम! जो एक "कॉमेडियन" के दिए व्यंग्यात्मक बयान पर तो भड़क जाती हो मगर राम…

5 days ago