Haldwani के MBGPG कॉलेज में रिसर्च सेल ने रिसर्च स्कॉलर्स, स्टूडेंट्स और टीचर्स के लिए शोध कार्य से संबंधित तीन महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यानों का आयोजन किया। इसमें उन्होंने रिसर्च की बारीकियां सीखीं। कार्यक्रमों का उद्देश्य रिसर्च स्कॉलर्स को शोध समस्या की पहचान, सर्वेक्षण डिजाइन, स्टैटिक्स एनालिसिस और रिसर्च रिपोर्ट राइटिंग व रेफ्रेन्सिंग की साइंटिफिक प्रोसेस से परिचित कराना था।
इस दौरान बनस्थली विद्यापीठ, राजस्थान के गणित एवं सांख्यिकी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नरेश चंद्रा ने ‘Statistical Tools in Research’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने रिसर्च में स्टैटिस्टिकल टूल्स की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए Statistical Inference, Distribution Theory और Reliability Analysis के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने शोधार्थियों को डेटा कलेक्शन के साथ-साथ उसके एनालिसिस, इंटरप्रिटेशन और वेरिफिकेशन के महत्त्व को समझाया।
वहीं, हिंदी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अमिता प्रकाश ने ‘Report Writing and Referencing Styles’ विषय पर लेक्चर दिया। उन्होंने प्रभावी रिसर्च रिपोर्ट तैयार करने, वैज्ञानिक व अकादमिक लेखन, अलग-अलग citation styles के प्रयोग और रिसर्च में उचित citation की जरूरत पर जानकारी दी। करीब 23 वर्षों से शिक्षण से जुड़ीं और कई रिसर्च पेपर्स व किताबें लिख चुकीं अमिता ने शोधार्थियों को प्लेजरिजम् से बचने, सोर्सेज का सही उल्लेख करने और रिसर्च वर्क को व्यवस्थित व प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
इधर, पीडीबीपीजी कॉलेज कोटद्वार के राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. दीपक कुमार पांडेय ने ऑनलाइन माध्यम से विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। उन्होंने ‘Identification of Research Problem and Designing of Survey’ विषय पर बोलते हुए रिसर्च की शुरुआत एक स्पष्ट व प्रासंगिक शोध समस्या की पहचान से करने पर जोर दिया। इसके साथ ही सर्वेक्षण की रूपरेखा तैयार करने, डेटा कलेक्ट करने, रिजल्ट्स का एनालिसिस करने और उनसे सार्थक रिजल्ट प्राप्त करने की प्रक्रिया को समझाया। उन्होंने कहा कि एक सुव्यवस्थित शोध समस्या शोध को सही दिशा प्रदान करती है।
समन्वयक डॉ. नरेंद्र सिजवाली ने कहा कि शोधार्थियों के लिए शोध के विभिन्न चरणों से जुड़े विशेषज्ञ व्याख्यान अत्यंत उपयोगी हैं। बकौल सिजवाली, ऐसे कार्यक्रमों के जरिए शोधार्थियों को विषय विशेषज्ञों के अनुभव व व्यावहारिक ज्ञान का लाभ मिलता है। इस दौरान रिसर्च सेल के डॉ. बालम सिंह बिष्ट, डॉ. जेएन पंत और कॉलेज के अन्य प्रोफेसर व रिसर्चर्स मौजूद रहे।
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