पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। सोर्स- चमोली पुलिस

चमोली। ज्योर्तिमठ (जोशीमठ) कोतवाली की पुलिस ने कथित तौर पर नकली ज्वैलरी पर फर्जी हॉलमार्क लगाकर लोगों को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बिहार के 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से हॉलमार्क लगाने की मशीन व अन्य उपकरण भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस ने बताया कि मामले में बेगूसराय (बिहार) के मुंगेरीगंज इलाके के रहने वाले 32 वर्षीय बंटी कुमार और पटना (बिहार) के गंगाचक मलकाना निवासी 37 वर्षीय पंकज कुमार प्रभु को गिरफ्तार किया गया है। बकौल पुलिस,  आरोपियों के कब्जे से करीब ₹2.5 लाख की लेजर मल्टीपर्पस मशीन, 2 CPU, मॉनिटर समेत अन्य सामान बरामद किया है। 

कैसे खुला पूरा मामला?

पुलिस के मुताबिक, पिछले दिनों थैंग गांव निवासी (हाल निवासी डाडो) लवली रावत नामक महिला ने ज्योतिर्मठ कोतवाली में तहरीर दी थी। लवली ने तहरीर में बताया कि उसने पिछले साल जुलाई 2025 में अपनी नथ व झुमके ₹40,000 में ₹2000/माह ब्याज पर आदय ज्वैलर्स के संचालक बंटी कुमार के पास गिरवी रखे थे। 

लवली ने बताया कि नवंबर 2025 में ₹40,000 वापस करने के बाद दिसंबर में उसने ज्वैलरी वापस ले ली। उसके नथ और झुमके पहनने पर अन्य लोगों ने उनके नकली होने की आशंका जताई। शिकायत के मुताबिक, लवली ने ज्वैलरी को अन्य ज्वैलर्स के यहां दिखाया, जहां उनके नकली होने का पता चला। आरोप है कि नकली ज्वैलरी पर चालाकी से होलमार्क लगाया गया था।

पुलिस ने बताया कि इस पर लवली से पूछताछ करने के बार आरोपी द्वारा उसे दी गई पीली धातु (नकली सोने) की नथ व 2 झुमके कब्जे में लेकर सील किए गए। वहीं, पुलिस ने आरोपी बंटी कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की गई। बकौल पुलिस, इसमें बंटी ने लवली के असली सोने के जेवरों के बदले नकली जेवर तैयार करवाकर फर्जी होलमार्क लगाने और उन्हें लवली को देने की बात स्वीकार की। 

पुलिस का दावा है कि पूछताछ में बंटी ने बताया कि कर्णप्रयाग का रहने वाला पंकज कुमार प्रभु कम कैरेट की ज्वेलरी पर फर्जी 20 कैरेट की मोहर लगाकर उसे असली हॉलमार्क ज्वेलरी की तरह तैयार करता है। इसके लिए पंकज के पास बिना लाइसेंस की हॉलमार्क मशीन भी होने की बात सामने आई। इस पर पुलिस ने बंटी की निशानदेही पर पंकज को कर्णप्रयाग बाजार से गिरफ्तार कर लिया और मौके से हॉलमार्क लगाने में इस्तेमाल होने वाली मशीन व अन्य उपकरण भी बरामद किए।

राज्य में सोने के करोबार से जुड़े लोगों की छवि प्रभावित करने की कोशिश: एसपी

चमोली के एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने कहा कि राज्य में सोने का व्यवसाय पारंपरिक रूप से काफी महत्त्वपूर्ण और विश्वसनीय रहा है लेकिन इस घटना ने इस क्षेत्र से जुड़े व्यवसायियों की छवि प्रभावित करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही हाल ही में लागू मानकीकरण आधारित हॉलमार्किंग प्रोसेस में फर्जीवाड़ा कर उसे दुरुपयोग करने का यह एक गंभीर मामला है। बकौल पंवार, हॉलमार्किंग की प्रक्रिया भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के माध्यम से ही विधिवत रूप से की जाती है, जिससे आभूषणों की शुद्धता सुनिश्चित होती है। 

चमोली जिले के सभी हॉलमार्किंग केंद्रों का होगा सत्यापन: पुलिस

पुलिस ने कहा है कि जिले में चल रहे सभी हॉलमार्किंग केंद्रों का सत्यापन कराया जाएगा। इसमें देखा जाएगा कि वे केंद्र भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) से विधिवत अधिकृत हैं या नहीं। पुलिस के मुताबिक, इसके अलावा मामले से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट भी BIS को भेजी जाएगी। इस रिपोर्ट में फर्जी हॉलमार्किंग की पूरी प्रक्रिया का उल्लेख होगा। 

पुलिस आरोपियों के पास से बरामद हॉलमार्किंग मशीन और अन्य उपकरणों की खरीद के स्रोतों का भी गहन सत्यापन करेगी। बकौल पुलिस, इससे इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है। 

Pahad News

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