उत्तराखंड

Uttarakhand: CM से नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने विधानसभा बजट सत्र 21 दिन का करने की मांग क्यों की?

हल्द्वानी। उत्तराखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर बड़ी मांग रखी है। आर्य ने सीएम को लिखे पत्र में आगामी बजट सत्र को कम-से-कम 21 दिनों का रखने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इन 21 दिनों में कम-से-काम 3 सोमवार भी शामिल किए जाएं। 

आर्य ने मुख्यमंत्री को संबोधित अपने पत्र में कहा कि “जल्द ही राज्य का बजट सत्र आहूत होने जा रहा है। आपके द्वारा वित्त मंत्री के रूप में बजट भाषण, सामान्य बजट पर चर्चा, विभागवार अनुदान मांगों पर विचार तथा वित्त विधेयक से संबंधित महत्त्वपूर्ण विधायी कार्य संपन्न होने हैं।” 

उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में यह और भी जरुरी हो जाता है कि विधानसभा का संचालन पर्याप्त अवधि तक हो, जिससे जनप्रतिनिधि जनहित के मुद्दों को प्रभावी रूप से उठा सकें और सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि 21 दिन का विधानसभा सत्र कराकर सभी मुद्दों पर चर्चा कराई जाए। आर्य ने सोमवार को विशेषतौर पर चर्चा कराने और मुख्यमंत्री से चर्चा में शामिल होने व जवाब देने की मांग की है, जिससे प्रश्नकाल के जरिए सरकार की जवाबदेही तय हो सके। 

आर्य ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार विधानसभा के जरिए जनता के प्रति उत्तरदायी होती है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में प्रश्नकाल और अन्य संसदीय नियमों के अंतर्गत मिले अधिकारों द्वारा विधायक अपनी-अपनी विधानसभाओं और राज्य से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर सरकार से उत्तर मांगते हैं। 

बकौल आर्य, विधानसभा में मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्रियों के अधीन आने वाले विभागों से संबंधित प्रश्नों के उत्तर के लिए दिन दिवस तय होते हैं। उन्होंने कहा कि चौथी और पांचवी विधानसभा की परंपरा के अनुसार मुख्यमंत्री से जुड़े विभागों के प्रश्नों के लिए सोमवार का दिन तय है।

वर्तमान विधानसभा के 9 सत्रों में सिर्फ 32 दिन हुआ कामकाज

विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा है कि वर्तमान (पांचवी) विधानसभा (29 मार्च 2022 से प्रारंभ) के अब तक 9 सत्र आयोजित हुए हैं जिनमें कुल 32 दिन काम-काज हुआ है। उन्होंने कहा कि ये अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम हैं। आर्य के मुताबिक, इन 32 दिनों में से एक भी ऐसा मौका नहीं आया जब प्रश्नकाल समेत सोमवार का दिन तय  हुआ हो।

‘मुख्यमंत्री के अधीन हैं करीब 40 विभाग’

आर्य ने अपने पत्र में लिखा कि मुख्यमंत्री धामी के अधीन राज्य के करीब 75 में से तकरीबन 40 विभाग हैं। उन्होंने कहा कि इन विभागों में मंत्रिपरिषद, भ्रष्टाचार उन्मूलन एवं जनसेवा, गृह, पेयजल, आपदा प्रबंधन, ऊर्जा, औद्योगिक विकास, शहरी विकास और संसदीय कार्य जैसे काफी महत्त्वपूर्ण विभाग भी शामिल हैं। 

गंभीर विषयों पर सरकार से नहीं मिल पा रहे समुचित जवाब: आर्य

बकौल आर्य, प्रश्नकाल समेत सोमवार को विधानसभा न चलने से राज्य की कानून-व्यवस्था, विभागीय भ्रष्टाचार, आपदा प्रबंधन की तैयारियों, ग्रामीण इलाकों में बदहाल पेयजल और बिजली आपूर्ति जैसे गंभीर विषयों पर सरकार से समुचित जवाब नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश सत्र केवल 2-3 दिन ही चले हैं, जिससे अन्य मंत्रियों के विभागों से जुड़े निर्धारित दिवस भी नहीं आ पाए।

अभिजात कांडपाल

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