Uttarakhand में बैसाखी के मौके पर मंगलवार को तुंगनाथ (Tungnath Temple) और मध्यमहेश्वर (Madhyamaheshwar Temple) मंदिर के कपाटों को खोलने की तिथियां (Opening Dates) घोषित कर दी गई हैं। वहीं, केदारनाथ यात्रा के अहम पड़ाव गौरीकुंड में मां गौरी माई मंदिर के कपाट वैसाखी पर भक्तों के दर्शनार्थ खुल गए हैं। 

जानकारी के मुताबिक, वैसाखी के मौके पर तुंगनाथ मंदिर (Tungnath Temple) के पुजारी विजय भारत मैठाणी और मंदिर समिति ने ग्रामीणों की मौजूदगी में कपाट खुलने की तिथि घोषित की। मैठाणी ने बताया कि इस साल तुंगनाथ मंदिर (Tungnath Temple) के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे। वहीं, 20 अप्रैल को भगवान की चल विग्रह डोली शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कू से मंदिर के लिए रवाना होगी। 

इस दिन चल विग्रह डोली का भोग पुंडखि में लगेगा और रात्रि विश्राम भूतनाथ मंदिर में रहेगा जबकि 21 अप्रैल को चल विग्रह डोली भूतनाथ मंदिर से पाब गांव होकर चलियखोड़, बनियाकुंड रात्रि विश्राम के लिए दूसरे पड़ाव चोपता पहुंचेगी। 22 अप्रैल को डोली चोपता से सुबह ग्रीष्मकालीन गद्दी स्थल तुंगनाथ धाम के लिए निकलेगी। इसके बाद डोली तुंगनाथ धाम (Tungnath Temple) पहुंचेगी और पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के कपाट 11 बजे श्रद्धलुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। 

मई में इस दिन खुलेंगे मध्यमहेश्वर मंदिर के कपाट

इसके साथ ही पंचकेदार गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में द्वितीय केदार भगवान मध्यमहेश्वर (Madhyamaheshwar Temple) के कपाट खोलने की तिथि घोषित हुई। मध्यमहेश्वर धाम (Madhyamaheshwar Temple) के कपाट 21 मई को श्रृद्धालुओं के लिए खोलने की घोषणा हुई। इन धामों के कपाट खुलने की तिथियां घोषित होने से श्रद्धालुओं में उल्लास का माहौल है। 

मां गौरी माई मंदिर के कपाट खुले

केदारनाथ यात्रा के अहम पड़ाव गौरीकुंड में मां गौरी माई मंदिर के कपाट मंगलवार सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुल गए। गौरी गांव में पूजा-अर्चना के बाद माता की भोग मूर्तियों को कंडी में रख कर गांव से गौरीकुंड स्थित गौरीमाई मंदिर लाया गया। वहीं, मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली स्थित गीठ पट्टी के 12 गांवों के आराध्य देव सोमेश्वर महाराज के कपाट भी खोल दिए गए हैं। इससे पहले विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना की गई।

Pahad News

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