हल्द्वानी के गोरापड़ाव में हथियारों के बल पर करीब आठ लाख रुपये की डकैती के मामले का नैनीताल पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने घटना में शामिल दो नकाबपोश आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए 66,000 रुपये नकद, एक तमंचा, पिस्टल और 8 कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, डकैती की साजिश जुए में हारी रकम की भरपाई के लिए रची गई थी।

19 अगस्त की शाम डायल-112 पर सूचना मिली थी कि गोरापड़ाव में 10-12 हथियारबंद बदमाशों ने लूटपाट की है। सूचना पर हल्द्वानी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। वादी नारायण दास की तहरीर के आधार पर पुलिस ने 10 अज्ञात हथियारबंद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। आरोप है कि बदमाश करीब आठ लाख रुपये, 12 मोबाइल फोन और तीन सोने की चेन व अंगूठियां लूटने की वारदात को अंजाम दिया था।

मामले के खुलासे के लिए करीब 50 पुलिस अफसरों और कर्मचारियों की विशेष टीम बनाई गई थी। SOG, साइबर टीम, क्राइम विशेषज्ञ, डॉग स्क्वायड और क्राइम सीन विशेषज्ञों को जांच में लगाया गया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और सर्विलांस फुटेज खंगालने के बाद दो संदिग्धों को चिह्नित किया। दोनों को यूपी के पीलीभीत जिले से गिरफ्तार किया गया है। दोनों की पहचान वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू (25) निवासी सितारगंज और रखवीर सिंह (28) निवासी बरेली के रूप में हुई है।

पुलिस पूछताछ में दोनों ने डकैती की साजिश का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, दोनों की मुलाकात किच्छा निवासी यश सडाना से हुई थी। बकौल पुलिस, यश जुए में लाखों रुपये हार चुका था और आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। इसी दौरान गोरापड़ाव में बड़े पैमाने पर जुआ खेले जाने की जानकारी के आधार पर डकैती की योजना बनाई गई।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहले घटनास्थल की रेकी की फिर अन्य लोगों को साथ लेकर नकाब पहनकर हथियारों के दम पर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस की मानें तो लूट की रकम बांटने के बाद आरोपियों ने डिजिटल सुराग मिटाने के लिए लूटे गए मोबाइल फोन रास्ते में फेंक दिए।

पुलिस ने बताया कि संगठित तरीके से अपराध किए जाने के आधार पर बीएनएस के नए प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार रखवीर के खिलाफ पहले से पांच केस दर्ज हैं, जिनमें गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत गंभीर धाराओं के मामले शामिल हैं। वहीं, वंशप्रीत का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।

Pahad News

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