हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में प्रदर्शन करतीं भोजन माताएं।

हल्द्वानी। भोजन माताओं ने तिकोनिया स्थित बुद्ध पार्क में सोमवार को राज्यव्यापी हड़ताल के तहत प्रगतिशील भोजनमाता संगठन के बैनर तले धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद भोजन माताएं जुलूस की शक्ल में एसडीएम कोर्ट परिसर पहुंचीं और जमकर नारेबाजी करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

इस दौरान भोजन माताओं ने कहा कि वे कई सालों से अतिरिक्त काम के बोझ तले दबी हुई हैं और उन्हें वेतन भी महज ₹3,000 ही मिलता है। उन्होंने कहा कि वे मानसिक-शारीरिक उत्पीड़न के साथ ही प्रशासनिक उपेक्षा का भी शिकार हैं। भोजन माताओं ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा घोषित मानदेय उन्हें आज तक नहीं मिला है और उनसे स्कूलों में कमरों व मैदान की सफाई के साथ ही चौकीदारी, माली और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों जैसे काम कराए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में गैस-चूल्हा, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं और इसके बावजूद उनपर समय से भोजन उपलब्ध कराने का दबाव बनाया जाता है। भोजन माताओं की मानें तो उन्हें कोई छुट्टी नहीं मिलती और विरोध करने पर काम से हटाने की धमकी के साथ ही अभद्रता भी की जाती है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने समय रहते उनकी मांगे नहीं मानीं तो वे आंदोलन को और तेज करेंगी। 

क्या हैं भोजन माताओं की प्रमुख मांगें?

  1. ₹5,000 घोषित मानदेय तत्काल लागू किया जाए।
  2. भोजन माताओं से गैर-निर्धारित काम लेना बंद किया जाए।
  3. ₹18,000 न्यूनतम वेतन लागू किया जाए।
  4. भोजन माताओं को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी घोषित किया जाए। 
  5. भोजनमाताओं को सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व दिया जाए।
  6. बच्चे कम होने पर भोजन माताओं को काम से न निकाला जाए। 
  7. पीएफ, ईएसआई और मातृत्व अवकाश लागू किया जाए।
Pahad News

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