ED ने Uttarakhand के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल में OSD रहे चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर छापा मारा है। खबरों के मुताबिक, इस दौरान भारी मात्रा में नकदी और ज्वैलरी बरामद हुई है। इसके बाद हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर बड़ा फैसला लेने की बात बताई है।

उन्होंने लिखा, “मैंने अभी अपने इष्ट देवता का स्मरण करके एक बड़ा निर्णय लिया है…मैं, उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी का सदस्य हूं और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस कार्यसमिति का स्थाई आमंत्रित सदस्य हूं…मैं बहुत विनम्रता पूर्वक इन दोनों पदों से हटना चाहूंगा, क्योंकि पार्टी के संघर्ष में कोई कमजोरी मेरी वजह से नहीं आनी चाहिए।”

हरीश रावत ने शुक्रवार देर रात की गई पोस्ट में लिखा, “सामने टीवी पर खबर आ रही है कि देहरादून में हरीश रावत के पीए के पास भारी मात्रा में कैश और ज्वैलरी आदि पकड़ी गई या पकड़ाई गई।” उन्होंने लिखा, “जीना एक निहायती सज्जन, विनम्र और काम करने वाले व्यक्ति हैं।”

बकौल रावत, यदि ग्राम सेवकों की भर्ती में ओएमआर शीट के साथ छेड़छाड़ की और यदि इस तरीके की कोई भी गलती उन्होंने की है, उसके प्रमाण हैं तो उनके इस तथाकथित दुस्साहसिक कृत्य के लिए मैं लज्जित हूँ। उन्होंने कहा, “मुझे इस आरोप पर बिल्कुल विश्वास नहीं है।”

रावत ने कहा, “मुझसे जब भी कोई व्यक्ति पूछता था कि चुनाव कब हो रहे हैं? तो मैं हंसी में उनसे कहता था कि भई चुनाव तब होंगे, जब सीबीआई मेरे दरवाजे पर दस्तक देने आएगी। यदि अभी नहीं आई है तो इसका अर्थ है कि चुनाव अगले वर्ष मार्च-अप्रैल में ही होंगे। उन्होंने आगे कहा, “…इस बार मेरे घर पर नहीं, मेरे एक सहयोगी के घर पर दस्तक देकर एक नरेटिव बनाने का प्रयास किया गया है।”

बकौल रावत, कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के खिलाफ लामबंद होकर लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में यदि उनके किसी सहयोगी से जुड़ा मामला पार्टी के संघर्ष को कमजोर करता है तो वह ऐसा नहीं चाहते।

Pahad News

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