हल्द्वानी। उत्तराखंड के चमोली जिले से बड़ी खबर सामने आई है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी और हर बारह वर्ष में निकलने वाली विश्व प्रसिद्ध नंदा राजजात यात्रा इसी साल (2026 के) सितंबर महीने में होगी। हिमालय की दुर्गम पहाड़ियों व घाटियों से होकर देवी नंदा को ससुराल विदा करने की ये यात्रा 5 सितंबर को मां नंदा के सिद्धपीठ कुरुड़ मंदिर से शुरू होगी। यात्रा का पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। 

चमोली के सिद्धपीठ कुरुड़ मंदिर परिसर में वसंत पंचमी के मौके पर शुक्रवार को मां नंदा की बड़ी जात का दिनपट्टा कार्यक्रम (यात्रा शेड्यूल) तय किया गया। सुबह मां नंदा के मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना हुई और मां नंदा ने अपने मुख्य अवतारी पुरुष पर अवतरित होकर इसी वर्ष कैलाश जाने की इच्छा जताई। इसके बाद ब्राह्मणों ने नंदादेवी राजजात यात्रा के लिए बधाण व दशोली की डोली यात्रा का कार्यक्रम जारी किया। 

2026 में नंदा देवी राजजात (बड़ी जात) के लिए ये रहेगा कार्यक्रम

बधाण क्षेत्र की डोली के पड़ाव

तिथियात्रा कार्यक्रम
5 सितंबरसिद्धपीठ कुरुड़ से चरबंग
6 सितंबरचरंबग से कुंडबगड़ होते हुए मथकोट
7 सितंबरमथकोट से धरगांव, नंदानगर होते हुए उस्तोली
8 सितंबरउस्तोली से सरपाणी, लांखी होते हुए भेंटी
9 सितंबरभेंटी से स्यांरी बंगाली होते हुए डूंगरी
10 सितंबरडूंगरी  केरा, मैन होते हुए सूना
11 सितंबरसूना से थराली, राडीबगड़ होते हुए चेपड़ों
12 सितंबरचेपड़ों से कोठी होते हुए नंदकेसरी (गढ़वाल-कुमाऊं की राज छंतोलियों का मिलन)
13 सितंबरनंदकेसरी से पूर्णा, देवाल, इच्छोली, हाट होते हुए फल्दियागांव
14 सितंबरफल्दियागांव से कांडई, लबू, ल्वाणी, बगड़ीगाड होते हुए मुंदोली
15 सितंबरमुंदोली से लोहाजंग, कार्तिकबगड़, देवी लाटू मिलन वाण
16 सितंबरवाण से रणकधार होते हुए गैरोलीपातल
17 सितंबरगैरोलीपातल से डोलीधार होते हुए बेदनी
18 सितंबरबेदनी में नंदा सप्तमी पूजा के बाद पातर नचौंणियां
19 सितंबरपातर नचैंणियां से कलवा विनायक, रूपकुंड, ज्यूंरागली-शिलासमुद्र
20 सितंबरशिलासमुद्र से पंचगंगा, होमकुंड में बड़ी जात और जामुनडाली
21 सितंबरजामुनडाली से तातड़ा होते हुए सुतोल
22 सितंबरसुतोल से कनोल होते हुए वाण
23 सितंबरवाण से कुलिंग
24 सितंबरकुलिंग से बगड़ीगाड होते हुए ल्वाणी
25 सितंबरल्वाणी से उलंग्रा
26 सितंबरउलंग्रा से हाट होते हुए बेराधार
27 सितंबरबेराधार से टुनरी होते हुए गोठिंडा
28 सितंबरगोठिंडा से कुनीपार्था होते हुए कुराड़
29 सितंबरसगवाड़ा से डांखोली
30 सितंबरडांखोली से भेटा होते हुए नंदा देवी सिद्धपीठ देवराड़ा

विशेष- मां नंदा देवी का छह महीने का प्रवास देवराड़ा में होता है।

दशोली क्षेत्र की डोली के पड़ाव

तिथियात्रा कार्यक्रम
5 सितंबरसिद्धपीठ कुरुड़ से धरगांव होते हुए कुमजुग
6 सितंबरकुमजुग से कुंडबगड़ होते हुए लुणतरा
7 सितंबरलुणतरा से कांडा, खुनाणा, लामसोड़ा, माणखी, चोपड़ाकोट होते हुए कांडई
8 सितंबरकांडई से खलतरा, मोठा, चाका होते हुए सेमा
9 सितंबरसेमा से बैरासकुंड, इतमोली, घुवड़खेत होते हुए मटई ग्वाड़
10 सितंबरमटई ग्वाड़ से दाणू मंदिर होते हुए पगना
11 सितंबरपगना से भौंधार, चरबंग होते हुए ल्वाणी
12 सितंबरल्वाणी से सुंग, बौंटाखाल होते हुए रामणी
13 सितंबररामणी से कासमातोली, घूनी, पडेरगांव, बूरा होते हुए आला
14 सितंबरआला से जोखना, सितेल होते हुए कनोल
15 सितंबरकनोल से वाण (लाटू देवता समेत सभी देव डोलियों का मिलन)
16 सितंबरवाण से गैरोलीपातल
17 सितंबरगैरोलीपातल से वेदनी
18 सितंबरवेदनी में नंदा सप्तमी पूजा के बाद पातर नचैंणियां
19 सितंबरपातर नचौंणियां से कलवा विनायक, रूपकुंड, ज्यूंरागली होते हुए शिलासमुद्र
20 सितंबरशिलासमुद्र से पंचगंगा, त्रिशूली, होमकुंड होते हुए जामुनडाली
21 सितंबरजामुनडाली से तातड़ा, द्योसिंग धाम होते हुए सुतोल
22 सितंबरसुतोल से फरखेत
23 सितंबरफरखेत से कुरुड़ नंदाधाम
Pahad News

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