1 साल तक सोना मत खरीदिए… — क्या देश पर मंडरा रहा है बड़ा आर्थिक संकट?

पश्चिम एशिया में युद्ध और आसमान छूते कच्चे तेल के दामों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की एक अपील ने पूरे देश में हलचल पैदा कर दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से एक साल सोना न खरीदने की अपील की है। उन्होंने यहां तक की शादी जैसे समारोहों के लिए भी सोना की खरीदारी न करने को कहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की खपत कम करें और वर्क फ्रॉम होम जैसी योजनाओं पर काम करें।

PM मोदी ने और क्या बड़ी अपीलें की हैं?

  • ऑनलाइन मीटिंग्स फिर शुरू करें।
  • पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करें।
  • यात्राएं और डेस्टिनेशन वेडिंग टालें।
  • खाने के तेल और केमिकल खाद का इस्तेमाल घटाएं

सबसे ज्यादा चर्चा उस बयान की हो रही है जिसमें पीएम मोदी ने कहा कि “सोने की खरीद में बहुत ज्यादा विदेशी मुद्रा खर्च होती है।” इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे हैं कि ‘क्या भारत किसी बड़े आर्थिक दबाव की तरफ बढ़ रहा है?’ इसे लेकर कई एक्टिविस्ट और लोग चर्चा कर रहे हैं।

दरअसल, भारत दुनिया में सबसे ज्यादा सोना खरीदने वाले देशों में गिना जाता है लेकिन हैरानी की बात ये है कि देश में सोने का उत्पादन बेहद कम होता है। यानी भारतीय बाजार में बिकने वाला ज्यादातर सोना विदेशों से आयात किया जाता है।

यही वजह है कि जब देश में सोने की खरीद बढ़ती है तो सरकार और कारोबारियों को विदेशों से भारी मात्रा में गोल्ड मंगाना पड़ता है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसका भुगतान भारतीय रुपये में नहीं, बल्कि अमेरिकी डॉलर में करना होता है। ऐसे में देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) पर सीधा दबाव पड़ता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कुछ समय तक लोग सोने की खरीद कम कर दें तो भारत को सोने का आयात कम से काम करना पड़ेगा। इससे अरबों डॉलर की बचत हो सकती है और विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा। माना जा रहा है कि इसी कारण वैश्विक आर्थिक संकट और तेल की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार जनता से सोने की खरीद सीमित करने की अपील कर रही है।

भारत दुनिया में सोने के सबसे बड़े आयातकों में से एक है। तेल के साथ-साथ सोने का आयात भी विदेशी मुद्रा भंडार पर भारी दबाव डालता है। ऐसे में सरकार जनता से ‘राष्ट्र हित’ में खर्च सीमित करने की अपील कर रही है।

Pahad News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *