हल्द्वानी। भारत सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को पद्म पुरस्कार पाने वाले लोगों के नामों का एलान कर दिया है। 131 पद्म पुरस्कारों की सूची में 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कारों की घोषणा की गई है। पद्म भूषण पाने वाले लोगों में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी का नाम भी शामिल है। उत्तराखंड बीजेपी के दिग्गज नेता, पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल कोश्यारी को पब्लिक अफेयर्स के लिए इस पुरस्कार से नवाजा जा रहा है। बागेश्वर जिले में 1942 में जन्मे कोश्यारी अंग्रेजी में पोस्ट ग्रेजुएट हैं और शिक्षक भी रह चुके हैं।

कॉलेज से शुरू हुआ था राजनीतिक करियर

1961-62 में अल्मोड़ा कॉलेज की स्टूडेंट यूनियन में जनरल सेकेट्री के पद से राजनीतिक करियर की शुरुआत करने वाले कोश्यारी ने 1979-82, 1982-85 और 1988-91 के दौरान कुमाऊं विश्वविद्यालय की एक्सिक्यूटिव काउंसिल का भी प्रतिनिधित्व किया। वह 1997 में पहली बार उत्तर प्रदेश विधानसभा में पहुंचे। 

उत्तराखंड गठन के समय वह ऊर्जा, सिंचाई समेत कई अन्य विभागों में मंत्री रहे। इसके बाद वह राज्य के मुख्यमंत्री बने। वह बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उत्तराखंड बीजेपी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 2002 से 2007 तक कोश्यारी उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे।

नवंबर 2008 से 14 तक वह राज्यसभा सांसद रहे और 2014 में नैनीताल-ऊधम सिंह नगर सीट से लोकसभा सांसद रहे। इस दौरान वह संसद की कई महत्त्वपूर्ण समितियों के अध्यक्ष भी रहे। महाराष्ट्र के राज्यपाल रहने के दौरान कोश्यारी के पास 19 अगस्त 2020 से 14 जुलाई 2021 तक गोवा के राज्यपाल पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी रही।

दो किताबें हो चुकी हैं प्रकाशित

कई स्कूलों के संस्थापक रहे कोश्यारी की ‘उत्तरांचल प्रदेश क्यों?’ और ‘उत्तरांचल: संघर्ष एवं समाधान’ नाम से दो किताबें भी प्रकाशित हो चुकी हैं। वह पिथौरागढ़ से प्रकाशित पर्वत पीयूष नामक साप्ताहिक अखबार के संस्थापक और प्रबंध संपादक भी रहे हैं। उन्हें आपातकाल के दौरान मीसा के तहत जेल भी जाना पड़ा था।

देखें वीडियो

Pahad News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *