आरएसएस ने शुक्रवार को हल्द्वानी के पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच में अखंड भारत संकल्प दिवस मनाया। इस दौरान मुख्य वक्ता सह-प्रांत प्रचारक चंद्रशेखर ने सभी स्वयंसेवकों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए भारत और भारतीयता का स्मरण कराया और ‘वैदिक भारत में बौद्धिक ज्ञान’ विषय पर चर्चा की। उन्होंने स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुए विस्मृति के आवरण को हटाकर इतिहास का स्मरण करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के विभाजन के दर्द को भुलाया नहीं जा सकता। बकौल चंद्रशेखर, नफरत और हिंसा की वजह से हमारे लाखों भाई-बहनों को विस्थापित होना पड़ा और उन लोगों को अपनी जान भी गवानी पड़ी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने उन लोगों के संघर्ष और बलिदान की याद में 2021 से 14 अगस्त को भारत विभाजन स्मृति दिवस के रूप में मनाने का फैसला लिया। उन्होंने आगे कहा कि यह दिवस विभाजन के दौरान अनेक भारतीयों को हुई पीड़ा को याद करता है। इस दिवस का उद्देश्य भारतीयों को सामाजिक विभाजन को रोकना, सामाजिक सदभाव, एकता और मानव सशक्तिकरण की भावना को और मजबूती की याद दिलाना है। इस दौरान चंद्रशेखर ने लोगों से देश के खिलाफ चल रहे डीप स्टेट के षडयंत्रों से सावधान रहने का आह्वान किया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में उपस्थित स्वयंसेवकों ने भारत माता के चित्र के सामने दीये जलाकर भारत माता की आरती की। वहीं, जिला विद्यार्थी प्रचारक जगदीश ने सभी स्वयंसेवकों को शपथ दिलाई। Post navigation Uttarakhand: रंजिश में शख्स की हत्या, शव को बाइक संग बांध गंगा में डुबाया; 4 गिरफ्तार Haldwani: दीक्षारंभ में दिया जीवन में कुछ भी असंभव नहीं का संदेश