मां नंदा देवी महोत्सव के मौके पर 23 सितंबर को डोला विसर्जन/झांकी के अवसर पर भवाली इलाके में श्रद्धालुओं और आमजन की अत्यधिक भीड़ और वाहनों के बढ़ते दबाव के मद्देनजर ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। पुलिस ने बताया कि यातायात व्यवस्था को सुचारु और सुरक्षित बनाए रखने के लिए निम्नानुसार यातायात डायवर्जन व्यवस्था प्रभावी रहेगी। रामगढ़/घोड़ाखाल की ओर से आने वाले वाहन रामगढ़/घोड़ाखाल की ओर से आने वाले ऐसे समस्त वाहन, जो मैदानी जनपदों अथवा नैनीताल की ओर जाना चाहते हैं, उन्हें आवश्यकतानुसार श्यामखेत से डायवर्ट कर घोड़ाखाल मंदिर होते हुए घोड़ाखाल तिराहा से नैनी बैण्ड प्रथम होते हुए उनके गंतव्य हेतु भेजा जाएगा।उक्त व्यवस्था के दौरान भवाली बाजार क्षेत्र में अनावश्यक वाहन प्रवेश को नियंत्रित किया जाएगा तथा भारी/यात्री वाहनों का प्रवेश परिस्थितियों के अनुसार पूर्णतः प्रतिबंधित रखा जाएगा। खैरना/कैंची की ओर से आने वाले वाहन खैरना/कैंची की ओर से आने वाले ऐसे समस्त वाहन,जो मैदानी जनपदों अथवा नैनीताल की ओर जाना चाहते हैं, उन्हें शिप्रा पुल भवाली से डायवर्ट कर सैनेटोरियम बाईपास मोटर मार्ग से उनके गंतव्य की ओर भेजा जाएगा।इसी प्रकार मुक्तेश्वर/भीमताल की ओर जाने वाले वाहनों को भी यातायात की स्थिति के अनुसार निर्धारित वैकल्पिक मार्ग नैनी बैण्ड द्वितीय-नैनी बैण्ड प्रथम से संचालित कर उनके गंतव्य हेतु भेजा जायेगा। उक्त दोनों तिथियों में भवाली बाजार क्षेत्र में भारी एवं यात्री वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। आवश्यकतानुसार केवल स्थानीय एवं अधिकृत वाहनों को नियंत्रित तरीके से प्रवेश दिया जाएगा। ज्योलीकोट/नैनीताल की ओर से आने वाले वाहन ज्योलीकोट/नैनीताल की ओर से आने वाले ऐसे वाहन,जो पर्वतीय जनपद अल्मोड़ा/रानीखेत की ओर जाना चाहते हैं, उन्हें नैनी बैंड द्वितीय सेनेटोरियम बाईपास मोटर मार्ग से शिप्रा पुल भवाली की ओर डायवर्ट किया जाएगा तथा निर्धारित वैकल्पिक मार्ग से उनके गंतव्य की ओर भेजा जाएगा।मुक्तेश्वर/भीमताल की ओर जाने वाले वाहनों को भी यातायात की स्थिति एवं मार्ग की उपलब्धता के अनुसार नैनी बैण्ड द्वितीय-नैनी बैण्ड प्रथम से संचालित कर उनके गंतव्य हेतु भेजा जायेगा इन तिथियों में किसी भी प्रकार के भारी/यात्री वाहनों का भवाली बाजार क्षेत्र में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। भीमताल की ओर से आने वाले वाहन भीमताल की ओर से आने वाले ऐसे समस्त वाहन, जो पर्वतीय जनपद अल्मोड़ा/रानीखेत/कैंची धाम की ओर जाना चाहते हैं,उन्हें नैनी बैंड प्रथम सेनेटोरियम बाईपास मोटर मार्ग होते हुए शिप्रा पुल भवाली की ओर भेजा जाएगा तथा वहां से निर्धारित डायवर्जन मार्ग द्वारा उनके गंतव्य की ओर रवाना किया जाएगा।उक्त अवधि में भवाली बाजार क्षेत्र में किसी भी प्रकार के भारी/यात्री वाहन का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रखा जाएगा। आकस्मिक/आपातकालीन सेवाओं हेतु व्यवस्था यातायात व्यवस्था के दौरान एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन, पुलिस वाहन, आपदा राहत एवं बचाव दल, आवश्यक खाद्य सामग्री/दूध एवं अन्य अत्यावश्यक सेवाओं से संबंधित वाहनों के आवागमन हेतु प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित एवं निर्बाध कॉरिडोर उपलब्ध रखा जाएगा।आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होने पर संबंधित पुलिस/यातायात कर्मियों द्वारा तत्काल समन्वय स्थापित कर ऐसे वाहनों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराया जाएगा। पार्किंग एवं भीड़ प्रबंधन वाहन स्वामियों से अनुरोध है कि अपने वाहनों को नगरपालिका मैदान भवाली/रोडवेज पार्किंग भवाली में निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही अपने वाहनों को पार्क कराये। मुख्य बाजार एवं आयोजन स्थल के समीप सड़क किनारे वाहनों की पार्किंग पूर्णतः प्रतिबंधित है। श्रद्धालुओं एवं आमजन की सुविधा हेतु आवश्यकता के अनुसार पैदल आवागमन के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित किया जाएगा। भीड़ अथवा यातायात का अत्यधिक दबाव होने पर यातायात को चरणबद्ध रूप से रोका/डायवर्ट किया जाएगा। वाहन स्वामी/चालकों से अपील- समस्त वाहन स्वामियों/चालकों को निर्देशित किया जाता है कि माँ नन्दा देवी महोत्सव एवं डोला विसर्जन/झांकी के अवसर पर निर्धारित यातायात डायवर्जन प्लान का अनिवार्य रूप से अनुपालन करें। यातायात पुलिस/पुलिस कर्मियों द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का पालन करते हुए निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से ही आवागमन करें तथा अनावश्यक रूप से भवाली बाजार क्षेत्र में प्रवेश न करें।डायवर्जन प्वाइंटों, प्रमुख तिराहों, चौराहों, आयोजन स्थल, पार्किंग स्थलों एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस/यातायात बल की तैनाती की गई है। तैनात कार्मिकों द्वारा यातायात संचालन, डायवर्जन, पार्किंग व्यवस्था एवं आमजन को मार्गदर्शन प्रदान करने का कार्य किया जाएगा। प्रभावी अवधि यातायात डायवर्जन व्यवस्था दिनांक 23.09.2026 को कार्यक्रम/भीड़ की स्थिति के अनुसार प्रभावी रहेगी। यातायात की वास्तविक स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए प्रभारी अधिकारी द्वारा आवश्यकतानुसार इसमें आंशिक संशोधन अथवा अतिरिक्त डायवर्जन लागू किया जायेगा।अतः उक्त यातायात डायवर्जन योजना का कड़ाई से अनुपालन कर श्रद्धालुओं,स्थानीय जनता एवं वाहन चालकों को सुरक्षित एवं सुगम यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। Post navigation Uttarakhand: शख्स व 2 बेटियां युवती की मौत के मामले में अरेस्ट, सबूत मिटाने की भी की कोशिश